रवीश कुमार के सम्मान से चिढ़ क्यों!

‘आइटी सेल’ मानसिकता का विषाणु उदारवाद, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की पक्षधरता का दावा करनेवाले के मस्तिष्क को भी संक्रमित कर रहा है.

इंडियन रीडरशिप सर्वे (IRS) की कुछ ख़ास बातें

पूरी रिपोर्ट देखें, तो एक दिलचस्प मामला है. टीवी, रेडियो और पत्रिका में वृद्धि है, पर अख़बार और सिनेमा में मामला सपाट है. लेकिन मीडिया उपभोग में कुल मिलाकर बढ़ोतरी के कारण अख़बार और सिनेमा में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है.