वर्तमान के विद्रूप का चित्रण ‘गुलाबो सिताबो’

अनुराग कश्यप की हालिया फ़िल्म ‘चोक्ड’ के साथ ‘गुलाबो सिताबो’ को रखकर देखें, तो यही लगता है कि हमारे दौर की विडंबनाओं को कथा में कहना अब लगातार मुश्किल होता जा रहा है.

Create a website or blog at WordPress.com

Up ↑