तकता है तेरी सूरत हर एक तमाशाई…

यतींद्र मिश्र ने इस किताब के तमाम हिस्सेदारों के साथ मजमुआ की शक्ल में अख़्तरीबाई फ़ैज़ाबादी का आलीशान मुजस्समा बनाया है.