तेज़ाब हमले

होना तो यह चाहिए कि फ़िल्म छपाक के हवाले से ही सही, तेज़ाब से पीड़ित लड़कियों की व्यथा, इस अपराध को रोकने के उपायों, दोषियों को दंडित करने आदि पर चर्चा हो.