तेज़ाब हमले

होना तो यह चाहिए कि फ़िल्म छपाक के हवाले से ही सही, तेज़ाब से पीड़ित लड़कियों की व्यथा, इस अपराध को रोकने के उपायों, दोषियों को दंडित करने आदि पर चर्चा हो.

देविंदर सिंह के हवाले से

संसद हमले और उससे जुड़े किरदारों के बारे में कुछ भी साफ़ नहीं हो सका है. लगता है, संसद हमला मामला एक कभी न ख़त्म होनेवाली कहानी है. किरदारों का आना-जाना लगा रहेगा…

जनसंख्या नियंत्रण, बहुसंख्यकवाद और धुर-दक्षिणपंथ

कुछ समय से जनसंख्या नियंत्रण का क़ानून बनाने का अभियान भी चल रहा है. ऐसा लगता है कि बहुत जल्दी मोदी सरकार ऐसा क़ानून लायेगी.

बोरिस जॉनसन की जीत: उदारवादी लोकतंत्र को एक और झटका

इंग्लैंड के जिन इलाक़ों में ब्रेक्ज़िट के पक्ष में ज़्यादा वोट पड़ा था, वहाँ लेबर पार्टी को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है.

धुर-दक्षिणपंथ का आदर्श जोसेफ मैकार्थी

मैकार्थी के इस दक्षिणपंथी हमले के शिकार कई लोग आज दुनिया भर में आदरणीय हैं. कुछ नाम तो बीसवीं सदी के महानतम व्यक्तित्व हैं- अल्बर्ट आइंस्टीन, चार्ली चैप्लिन, बर्तोल्त ब्रेष्ट, हॉवर्ड फास्ट, एलेन गिंसबर्ग, पॉल स्वीजी, ऑरसन वेल्स.

रवीश कुमार के सम्मान से चिढ़ क्यों!

‘आइटी सेल’ मानसिकता का विषाणु उदारवाद, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की पक्षधरता का दावा करनेवाले के मस्तिष्क को भी संक्रमित कर रहा है.

रॉबर्ट मुगाबे और पश्चिम के पैंतरे

मुगाबे की खामियों और दमन के इतिहास को भी परखा जायेगा, लेकिन आज सबसे जरूरी इस बात की पड़ताल है कि आखिर पश्चिमी देशों को मुगाबे से इतनी चिढ़ क्यों है.

जल संकट पर भयानक सरकारी लापरवाही

आज जब देश के बहुत बड़े हिस्से में सूखे की स्थिति है और मॉनसून बेहद कमज़ोर है, पानी की उपलब्धता … More

फ़िलीस्तीन से नाता तोड़ने का संकेत

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद में इज़रायल के पक्ष में भारत का मतदान करना एक असाधारण घटना है.

भारतीय छात्र: रियल इस्टेट, कोचिंग बिज़नेस

देश में कोचिंग और परीक्षा तैयारी केंद्रों का सालाना बिज़नेस 49,400 करोड़ (सात अरब डॉलर) का है.